✍️ हिंदी टिप्पण और प्रारूपण

Hindi Noting & Drafting (हिंदी नोटिंग एंड ड्राफ्टिंग) — कार्यालय एवं थाना दोनों प्रारूप

भाग-1 में कार्यालयी प्रारूप हैं (सचिवालय, एसपी/डीएम कार्यालय, न्यायालय)। भाग-2 में थाना-स्तरीय प्रारूप हैं जो कांस्टेबल एवं पुलिस विभागीय परीक्षा में पूछे जाते हैं। भाग-3 में संक्षेपण, पल्लवन एवं अनुवाद के नियम हैं।

📚 भाग-1: कार्यालयी प्रारूप

1. कार्यालय आदेश (Office Order / ऑफिस ऑर्डर)

अपने ही कार्यालय के कर्मचारियों के लिए — स्थानांतरण, अवकाश स्वीकृति, निलंबन, ड्यूटी तैनाती। इसमें कोई संबोधन एवं समापन नहीं होता।

[कार्यालय का नाम — पुलिस अधीक्षक का कार्यालय, पटना] पत्रांक: ... दिनांक: ... कार्यालय आदेश सिपाही श्री रमेश कुमार, आरक्षी क्रमांक 245 को प्रशासनिक आवश्यकता के दृष्टिगत थाना कोतवाली से थाना गांधी मैदान स्थानांतरित किया जाता है। 2. उक्त कर्मी नव-पदस्थापन स्थल पर तत्काल योगदान देंगे। (हस्ताक्षर) पुलिस अधीक्षक, पटना प्रतिलिपि: 1. थानाध्यक्ष, कोतवाली 2. थानाध्यक्ष, गांधी मैदान 3. संबंधित कर्मी 4. कार्यालय प्रति

2. सरकारी पत्र (Official Letter / ऑफिशियल लेटर)

एक सरकारी कार्यालय से दूसरे कार्यालय को। संबोधन महोदय, समापन भवदीय।

पत्रांक: ............... प्रेषक, पुलिस अधीक्षक, पटना सेवा में, पुलिस महानिदेशक, बिहार, पटना दिनांक: ............... विषय: [पत्र का मुख्य विषय] संदर्भ: आपका पत्रांक ......, दिनांक ...... महोदय, उपर्युक्त विषय के संबंध में निदेशानुसार कहना है कि... 2. [अगला बिंदु] अतः अनुरोध है कि... भवदीय, (हस्ताक्षर) पुलिस अधीक्षक, पटना संलग्न: यथोपरि

3. टिप्पण (Noting / नॉटिंग)

फाइल के टिप्पण भाग में बाईं ओर एक-तिहाई हाशिया छोड़कर लिखा जाता है। अन्य पुरुष में, क्रमांकित अनुच्छेदों में। अंत में आदेशार्थ प्रस्तुत अनिवार्य।

विषय: अवकाश स्वीकृति के संबंध में। 1. सिपाही रमेश कुमार द्वारा अपनी माता जी के इलाज हेतु 15 दिनों का अर्जित अवकाश माँगा गया है (पृष्ठ 3/पत्रावली)। 2. सेवा पुस्तिका के अवलोकन से स्पष्ट है कि उनके खाते में 45 दिनों का अर्जित अवकाश शेष है। 3. नियम 26 के अंतर्गत ऐसा अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है। 4. अतः इनका 15 दिनों का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है। आदेशार्थ प्रस्तुत। (हस्ताक्षर) प्रधान लिपिक दिनांक: ...

4. अर्द्ध-शासकीय पत्र (D.O. Letter / डी.ओ. लेटर)

दो अधिकारियों के बीच व्यक्तिगत किंतु शासकीय विषय पर। संबोधन प्रिय श्री, समापन सादर / आपका। पता अंत में लिखा जाता है।

अर्द्ध-शासकीय पत्रांक: ............... दिनांक: ............... प्रिय श्री [नाम जी], कृपया उपर्युक्त विषय पर मेरा ध्यान आकृष्ट करने की अनुमति दें... [मुख्य बातें] मुझे विश्वास है कि आप इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेंगे। सादर, आपका, (हस्ताक्षर) [नाम एवं पदनाम] श्री ................, [पदनाम, कार्यालय]

5. अधिसूचना (Notification / नोटिफिकेशन)

राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित होने वाला दस्तावेज़ — नियम, शक्ति प्रदान, नियुक्ति, क्षेत्राधिकार परिवर्तन आदि। धारा 3(3) के अंतर्गत अनिवार्यतः द्विभाषी।

बिहार सरकार गृह विभाग (आरक्षी) अधिसूचना संख्या: ...... पटना, दिनांक: ...... भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा ...... द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार एतद्द्वारा निम्नलिखित अधिसूचित करती है — 1. ...... 2. ...... यह अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी। बिहार राज्यपाल के आदेश से, (हस्ताक्षर) प्रधान सचिव, गृह विभाग

6. कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum / ऑफिस मेमोरेंडम)

समान स्तर के कार्यालयों/अधिकारियों के बीच। न संबोधन, न समापन — अन्य पुरुष में लिखा जाता है।

[कार्यालय का नाम] कार्यालय ज्ञापन संख्या: ...... दिनांक: ...... विषय: [विषय] अधोहस्ताक्षरी को यह कहने का निदेश हुआ है कि उपर्युक्त विषय के संबंध में ...... 2. अतः अनुरोध है कि वांछित सूचना दिनांक ...... तक इस कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। (हस्ताक्षर) अवर सचिव सेवा में, सभी संबंधित अनुभाग

7. परिपत्र (Circular / सर्कुलर)

एक ही सूचना एक साथ अनेक अधीनस्थ कार्यालयों/कर्मचारियों को भेजने के लिए।

[कार्यालय का नाम] परिपत्र संख्या: ...... दिनांक: ...... विषय: कार्यालय समय के अनुपालन के संबंध में। यह देखा जा रहा है कि कतिपय कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं आ रहे हैं। यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। 2. अतः सभी कर्मचारियों को निदेशित किया जाता है कि वे निर्धारित समय पर उपस्थिति दर्ज कराएँ। उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। (हस्ताक्षर) कार्यालय प्रमुख सेवा में, सभी अनुभाग प्रभारी / सभी कर्मचारी

8. अनुस्मारक (Reminder / रिमाइंडर)

पहले भेजे गए पत्र का उत्तर न मिलने पर। पिछले पत्र का पत्रांक एवं दिनांक अनिवार्यतः दिया जाता है।

पत्रांक: ...... दिनांक: ...... प्रेषक, ...... सेवा में, ...... विषय: [मूल विषय] — अनुस्मारक। संदर्भ: इस कार्यालय का पत्रांक ......, दिनांक ......। महोदय, उपर्युक्त संदर्भित पत्र द्वारा वांछित सूचना अब तक इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है। 2. अतः पुनः अनुरोध है कि वांछित सूचना अविलंब उपलब्ध कराने का कष्ट करें। भवदीय, (हस्ताक्षर)

9. पृष्ठांकन (Endorsement / एंडॉर्समेंट)

प्राप्त पत्र को यथावत आगे भेजने के लिए — नया पत्र लिखे बिना।

पृष्ठांकन संख्या: ...... दिनांक: ...... प्रतिलिपि थानाध्यक्ष, ...... को आवश्यक कार्रवाई एवं प्रतिवेदन हेतु अग्रेषित। (हस्ताक्षर) पुलिस उपाधीक्षक

10. कारण बताओ सूचना (Show Cause Notice / शो कॉसी नोटिस)

अनियमितता या कदाचार पर स्पष्टीकरण माँगने के लिए। निश्चित समय-सीमा देना अनिवार्य।

पत्रांक: ...... दिनांक: ...... विषय: कर्तव्य में लापरवाही के संबंध में स्पष्टीकरण। आपके विरुद्ध यह शिकायत प्राप्त हुई है कि दिनांक ...... को आप बिना पूर्व सूचना के कर्तव्य से अनुपस्थित रहे, जो बिहार सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली का उल्लंघन है। 2. अतः आपसे स्पष्टीकरण माँगा जाता है कि क्यों न आपके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाए। 3. आपका लिखित स्पष्टीकरण इस सूचना की प्राप्ति के 7 दिनों के भीतर अपेक्षित है। निर्धारित अवधि में उत्तर न मिलने पर यह मान लिया जाएगा कि आपको कुछ नहीं कहना है। (हस्ताक्षर) पुलिस अधीक्षक

11. प्रेस विज्ञप्ति (Press Communique / प्रेस कॉमनिक्व)

समाचार माध्यमों के द्वारा जनता को सूचना देने के लिए। धारा 3(3) के अंतर्गत द्विभाषी।

प्रेस विज्ञप्ति पटना, दिनांक ...... जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत दिनांक ...... को ...... क्षेत्र से ...... अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। 2. गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से ...... बरामद किया गया। आगे की कार्रवाई की जा रही है। जनसंपर्क अधिकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय

12. निविदा सूचना (Tender Notice / टेंडर नोटिस)

वस्तु या सेवा की खरीद हेतु बोली आमंत्रित करने के लिए। धारा 3(3) में सम्मिलित।

अल्पकालीन निविदा सूचना सूचना संख्या: ...... पुलिस अधीक्षक, ...... कार्यालय हेतु स्टेशनरी आपूर्ति के लिए अनुभवी एवं पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से मुहरबंद निविदाएँ आमंत्रित की जाती हैं। निविदा प्रपत्र प्राप्ति की अंतिम तिथि : ...... निविदा जमा करने की अंतिम तिथि : ...... निविदा खोलने की तिथि : ...... धरोहर राशि (EMD / ई एम डी) : ...... विस्तृत शर्तें कार्यालय के सूचना पट्ट एवं विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। (हस्ताक्षर) पुलिस अधीक्षक

13. पावती (Acknowledgement / एक्नाउलेड्जमेंट)

पावती संख्या: ...... दिनांक: ...... श्री ...... द्वारा प्रस्तुत आवेदन/दस्तावेज़ दिनांक ...... को इस कार्यालय में प्राप्त हुआ, जिसकी पावती एतद्द्वारा दी जाती है। (हस्ताक्षर) प्राप्ति लिपिक

14. स्वीकृति आदेश (Sanction Order / सैंक्शन ऑर्डर)

पत्रांक: ...... दिनांक: ...... स्वीकृति आदेश सामान्य वित्तीय नियमावली के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्द्वारा ...... मद में ₹ ...... (अक्षरे रुपये ...... मात्र) की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. यह व्यय चालू वित्तीय वर्ष के बजट शीर्ष ...... के अंतर्गत उपलब्ध प्रावधान से वहन किया जाएगा। 3. उपयोगिता प्रमाण-पत्र निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। (हस्ताक्षर) सक्षम प्राधिकारी

🚔 भाग-2: थाना-स्तरीय प्रारूप

कांस्टेबल एवं पुलिस विभागीय परीक्षा में यही प्रारूप सर्वाधिक पूछे जाते हैं। इनमें दिनांक, समय, गवाहों के नाम एवं हस्ताक्षर सर्वाधिक महत्वपूर्ण होते हैं।

15. रोजनामचा / सामान्य डायरी (General Diary / जनरल डायरी)

थाने में घटित प्रत्येक दैनिक घटना — आगमन, प्रस्थान, सूचना, गिरफ्तारी, गश्त — का क्रमवार अभिलेख।

थाना: ...... रोजनामचा दिनांक: ...... क्रमांक : 12 समय : 14:30 बजे प्रविष्टि: श्री ...... पुत्र ...... निवासी ...... थाना पर उपस्थित होकर लिखित आवेदन प्रस्तुत किया कि उनके घर से दिनांक ...... को अज्ञात चोरों द्वारा सामान की चोरी कर ली गई। आवेदन के आधार पर कांड संख्या ....../20.., धारा 305 BNS के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई। अन्वेषण हेतु स.अ.नि. ...... को निर्देशित किया गया। (हस्ताक्षर) थानाध्यक्ष

16. प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR / एफ आई आर)

संज्ञेय अपराध की सूचना पर BNSS की धारा 173 के अंतर्गत दर्ज। एक प्रति सूचनादाता को निःशुल्क दी जाती है।

जिला: ...... थाना: ...... कांड संख्या: ....../20.. दिनांक: ...... 1. अधिनियम एवं धाराएँ : BNS धारा 303, 305 2. घटना का दिनांक/समय : ...... 3. सूचना प्राप्ति दिनांक/समय : ...... 4. सामान्य डायरी संदर्भ : प्रविष्टि संख्या ......, समय ...... 5. घटनास्थल एवं थाने से दूरी/दिशा : ...... 6. सूचक/परिवादी का नाम एवं पता : ...... 7. अभियुक्त का विवरण : ज्ञात/अज्ञात 8. संपत्ति की चोरी/बरामदगी का विवरण : ...... 9. प्राथमिकी की विषयवस्तु (सूचनादाता के शब्दों में): ................................................ अन्वेषण हेतु स.अ.नि. ...... को निर्देशित किया गया। प्राथमिकी की निःशुल्क प्रति सूचनादाता को दी गई। (हस्ताक्षर) थानाध्यक्ष

17. शून्य प्राथमिकी (Zero FIR / ज़ीरो एफ आई आर)

घटना अपने क्षेत्राधिकार से बाहर की हो तब भी थाना FIR दर्ज करने से मना नहीं कर सकता। ऐसी FIR को क्रमांक शून्य देकर संबंधित थाने को स्थानांतरित किया जाता है।

थाना: ...... कांड संख्या: शून्य (0)/20.. दिनांक: ...... सूचनादाता द्वारा दी गई सूचना के अनुसार घटनास्थल थाना ...... के क्षेत्राधिकार में पड़ता है। तथापि सूचना की गंभीरता को देखते हुए शून्य प्राथमिकी दर्ज कर मूल अभिलेख थाना ...... को विधिवत स्थानांतरित किया जा रहा है। सूचनादाता को प्राथमिकी की निःशुल्क प्रति उपलब्ध करा दी गई है। (हस्ताक्षर) थानाध्यक्ष

18. केस डायरी (Case Diary / केस डायरी)

BNSS की धारा 192 के अंतर्गत — अन्वेषण की दिन-प्रतिदिन की कार्यवाही का अभिलेख।

कांड संख्या: ....../20.. धारा: ...... थाना: ...... केस डायरी संख्या: 01 दिनांक: ...... समय 09:00 बजे : थाने से अन्वेषण हेतु प्रस्थान किया। समय 09:45 बजे : घटनास्थल पर पहुँचकर निरीक्षण किया। नक्शा मौका तैयार किया गया। समय 10:30 बजे : सूचनादाता एवं गवाह श्री ...... का बयान BNSS धारा 180 के अंतर्गत अंकित किया गया। समय 12:00 बजे : गवाहों की उपस्थिति में जब्ती सूची तैयार की। समय 15:00 बजे : थाना वापस आकर अभिलेख संधारित किया। अगली कार्रवाई : अभियुक्त की तलाश एवं गिरफ्तारी। (हस्ताक्षर) अन्वेषण अधिकारी

19. पंचनामा / नक्शा मौका

घटनास्थल का विवरण स्वतंत्र गवाहों (पंचों) की उपस्थिति में। पंचों के हस्ताक्षर अनिवार्य।

पंचनामा कांड संख्या: ...... धारा: ...... थाना: ...... दिनांक: ...... समय: ...... आज दिनांक ...... को समय ...... बजे घटनास्थल ग्राम/मोहल्ला ...... पर निम्नलिखित पंचों की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया — पंच 1 : नाम ......, पिता ......, निवासी ...... पंच 2 : नाम ......, पिता ......, निवासी ...... घटनास्थल का विवरण: घटनास्थल एक पक्का मकान है, जिसका मुख्य द्वार पूर्व दिशा में है। दरवाजे की कुंडी टूटी हुई पाई गई। कमरे में सामान बिखरा हुआ था। ...... चौहद्दी — पूर्व : ...... पश्चिम : ...... उत्तर : ...... दक्षिण : ...... उपर्युक्त विवरण हमारे समक्ष तैयार किया गया, जो सही है। पंचों के हस्ताक्षर अन्वेषण अधिकारी के हस्ताक्षर 1. ...... ...... 2. ......

20. जब्ती सूची / सीजर मेमो (Seizure Memo / सीज़र मेमो)

जब्ती सूची कांड संख्या: ...... धारा: ...... थाना: ...... दिनांक: ...... समय: ...... स्थान: ...... निम्नलिखित गवाहों की उपस्थिति में नीचे वर्णित वस्तुएँ जब्त की गईं — क्र. वस्तु का विवरण मात्रा अनुमानित मूल्य 1. ...... ...... ...... 2. ...... ...... ...... जब्त वस्तुओं को कपड़े में लपेटकर सील किया गया तथा सील पर गवाहों एवं अन्वेषण अधिकारी के हस्ताक्षर कराए गए। गवाह 1 : ...... जिससे जब्त किया : ...... गवाह 2 : ...... (हस्ताक्षर) अन्वेषण अधिकारी

21. गिरफ्तारी ज्ञापन (Arrest Memo / अरेस्ट मेमो)

गिरफ्तार व्यक्ति एवं कम से कम एक गवाह के हस्ताक्षर अनिवार्य। परिजनों को सूचना देना BNSS धारा 48 के अंतर्गत आवश्यक।

गिरफ्तारी ज्ञापन कांड संख्या: ...... धारा: ...... थाना: ...... गिरफ्तार व्यक्ति का नाम : ...... पिता का नाम : ...... पता : ...... आयु/लिंग : ...... गिरफ्तारी का दिनांक/समय : ...... गिरफ्तारी का स्थान : ...... गिरफ्तारी का आधार बताया गया : हाँ / नहीं सूचित परिजन का नाम एवं संबंध : ...... सूचना देने का माध्यम/समय : ...... शरीर पर पाई गई चोट का विवरण : ...... चिकित्सीय परीक्षण कराया गया : हाँ / नहीं गिरफ्तार व्यक्ति के हस्ताक्षर : ...... गवाह के हस्ताक्षर एवं पता : ...... गिरफ्तार करने वाले अधिकारी : ......

22. सम्मन / वारंट तामील रिपोर्ट

तामील प्रतिवेदन माननीय न्यायालय ...... द्वारा निर्गत सम्मन/वारंट संख्या ......, दिनांक ...... के संबंध में — उक्त सम्मन दिनांक ...... को समय ...... बजे श्री ...... पुत्र ...... निवासी ...... को उनके निवास स्थान पर व्यक्तिगत रूप से तामील कराया गया, जिसकी पावती में उनके हस्ताक्षर प्राप्त किए गए। अथवा — उक्त पते पर व्यक्ति अनुपस्थित पाया गया। अतः सम्मन की एक प्रति उनके निवास के मुख्य द्वार पर चस्पा की गई तथा गवाह श्री ...... के हस्ताक्षर कराए गए। गवाह : ...... (हस्ताक्षर) तामील कर्ता आरक्षी

23. मर्ग सूचना (Unnatural Death Report / अनटरल डीथ रिपोर्ट)

अस्वाभाविक, आकस्मिक अथवा संदिग्ध मृत्यु की सूचना — BNSS धारा 194 के अंतर्गत।

मर्ग सूचना मर्ग संख्या: ....../20.. थाना: ...... दिनांक: ...... मृतक का नाम : ...... पिता/पति का नाम : ...... आयु/लिंग : ...... पता : ...... मृत्यु का दिनांक/समय: ...... मृत्यु का स्थान : ...... सूचना देने वाले का नाम एवं संबंध : ...... मृत्यु का संभावित कारण : ...... उपर्युक्त सूचना के आधार पर BNSS धारा 194 के अंतर्गत मर्ग दर्ज कर जाँच प्रारंभ की गई। शव का पंचनामा तैयार कर शव-परीक्षण हेतु भेजा गया। (हस्ताक्षर) थानाध्यक्ष

24. आरोप पत्र / चालान (Charge Sheet / चार्ज शीट)

अन्वेषण पूर्ण होने पर BNSS धारा 193 के अंतर्गत न्यायालय में प्रस्तुत अंतिम रिपोर्ट।

आरोप पत्र (पुलिस रिपोर्ट) न्यायालय: ...... आरोप पत्र संख्या: ...... कांड संख्या: ....../20.. धारा: ...... थाना: ...... 1. अभियुक्त का नाम एवं पता : ...... 2. गिरफ्तारी का दिनांक : ...... 3. जमानत/हिरासत की स्थिति : ...... 4. अन्वेषण का सारांश : ...... 5. साक्ष्य की सूची : ...... 6. गवाहों की सूची : ...... 7. जब्त संपत्ति का विवरण : ...... 8. संलग्न दस्तावेज़ : FIR, केस डायरी, पंचनामा, जब्ती सूची, बयान, चिकित्सा रिपोर्ट अन्वेषण से अभियुक्त के विरुद्ध आरोप प्रमाणित पाया गया। अतः आरोप पत्र समर्पित किया जाता है। (हस्ताक्षर) अन्वेषण अधिकारी

25. बंधपत्र / मुचलका (Bond / बॉन्ड)

बंधपत्र मैं ...... पुत्र ...... निवासी ...... एतद्द्वारा वचन देता हूँ कि मैं कांड संख्या ......, थाना ...... से संबंधित कार्यवाही में माननीय न्यायालय ...... के समक्ष प्रत्येक नियत तिथि पर उपस्थित रहूँगा। यदि मैं ऐसा करने में असफल रहा तो ₹ ...... की राशि सरकार को अदा करने का दायित्व मेरा होगा। दिनांक: ...... बंधपत्रकर्ता के हस्ताक्षर गवाह : 1. ...... ...... 2. ......

📝 भाग-3: संक्षेपण, पल्लवन एवं अनुवाद

26. संक्षेपण (Précis Writing / सिस रिटिंग)

संक्षेपण के नियम: 1. संक्षेपण मूल गद्यांश के लगभग एक-तिहाई (1/3) शब्दों में हो। 2. सदैव अन्य पुरुष में तथा अपने शब्दों में लिखा जाता है — मूल पंक्तियाँ ज्यों की त्यों नहीं लिखी जातीं। 3. सभी मुख्य विचार सम्मिलित हों; उदाहरण, दोहराव एवं अनावश्यक विवरण छोड़ दिए जाएँ। 4. अंत में एक उपयुक्त शीर्षक अवश्य दें। 5. एक ही अनुच्छेद में लिखा जाए — बिंदुवार नहीं। 6. भाषा सरल, स्पष्ट एवं प्रवाहपूर्ण हो। शीर्षक: [गद्यांश के भाव के अनुरूप उपयुक्त शीर्षक]

27. पल्लवन (Expansion / एक्स्पन्ज़न)

पल्लवन के नियम: 1. पल्लवन संक्षेपण का उल्टा है — किसी सूक्ति, कहावत या संक्षिप्त भाव का विस्तार से विवेचन। 2. अन्य पुरुष में लिखा जाता है। 3. मूल भाव से भटकाव नहीं होना चाहिए। 4. उदाहरण, तर्क एवं दृष्टांत देकर भाव स्पष्ट किया जाता है। 5. भाषा सरल एवं गद्यात्मक हो — काव्यात्मक नहीं। 6. सामान्यतः तीन भाग — भाव का परिचय, विस्तार, निष्कर्ष। उदाहरण मूल सूक्ति: "परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।"

28. कार्यालयी अनुवाद — सामान्य नियम

1. अनुवाद शब्दशः नहीं, भावानुवाद हो — किंतु विधिक/तकनीकी शब्दों में मानक शब्दावली ही प्रयोग करें। 2. वाक्य संरचना हिंदी की प्रकृति के अनुसार बदलें — अंग्रेज़ी कर्मवाच्य को हिंदी में प्रायः कर्तृवाच्य करें। 3. संख्याएँ, तिथियाँ, पत्रांक ज्यों के त्यों रखें। 4. व्यक्ति के नाम एवं स्थान के नाम का अनुवाद न करें। 5. वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग की मानक शब्दावली का ही प्रयोग करें। कुछ मानक प्रयोग — Immediate तत्काल Compliance अनुपालन Ex-post facto sanction भूतलक्षी स्वीकृति Without prejudice प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना In supersession of के अध्यारोहण में Subject to approval अनुमोदन के अधीन Pending disposal निपटान लंबित Show cause notice कारण बताओ सूचना As per rules in force प्रवृत्त नियमों के अनुसार Deemed to have been माना जाएगा कि

29. अभिलेख वर्गीकरण एवं फाइल संधारण

अभिलेख वर्गीकरण — श्रेणी 'क' (A) : स्थायी रूप से रखे जाने योग्य अभिलेख श्रेणी 'ख' (B) : 25 से 30 वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने योग्य श्रेणी 'ग' (C) : 5 से 10 वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने योग्य श्रेणी 'घ' (D) : अल्प अवधि — 1 से 3 वर्ष में नष्ट किए जाने योग्य फाइल पर अंकित की जाने वाली प्राथमिकता — तत्काल (Immediate) > अति आवश्यक (Most Urgent) > आवश्यक (Urgent) > सामान्य (Ordinary) गोपनीयता का स्तर — अति गुप्त (Top Secret) > गुप्त (Secret) > गोपनीय (Confidential) > प्रतिबंधित (Restricted) आवक रजिस्टर : प्राप्त पत्रों का अभिलेख जावक रजिस्टर : प्रेषित पत्रों का अभिलेख