🎖️ पुलिस रैंक बैज

Rank Insignia (रैंक इनसिग्निया), Number Plates & (नंबर प्लेटस &आंप); Beacon Rules — IPS से कांस्टेबल तक

पुलिस "राज्य सूची" का विषय है, इसलिए चिह्न राज्य-दर-राज्य थोड़े भिन्न हो सकते हैं। नीचे अखिल भारतीय स्तर पर सर्वाधिक स्वीकृत रूप दिया गया है। जहाँ स्रोतों में मतभेद है वहाँ स्पष्ट नोट लगा दिया गया है।

🔑 चिह्न पढ़ने का सूत्र

पुलिस का चिह्न मुख्यतः तीन चीज़ों से बनता है —

★सितारापाँच-नोक वाला अशोक तारा
अशोक स्तंभसारनाथ का सिंह शीर्ष — भारत का राजचिह्न
तलवार व बैटनक्रॉस्ड तलवार एवं बैटन
पढ़ने का क्रम (नीचे से ऊपर): 1. कांस्टेबल → कुछ नहीं 2. हेड कांस्टेबल → बाजू पर धारियाँ (शेवरॉन), सितारा नहीं 3. ASI (ए एस आई) → SI (एस आई) → Inspector → 1, 2, 3 सितारे + लाल-नीला फीता 4. DSP / ASP → 3 सितारे, पर फीता नहीं (गजटेड) 5. SP (एस पी) → SSP → DIG → अशोक स्तंभ + 1, 2, 3 सितारे 6. IGP (आई जी पी) → ADGP → DGP → अशोक स्तंभ + तलवार-बैटन सबसे बड़ा भ्रम मिटाइए — • Inspector और DSP दोनों के 3 सितारे होते हैं। अंतर: Inspector के कंधे पर लाल-नीला फीता होता है, DSP के नहीं। DSP गजटेड है, Inspector प्रायः नहीं। • SP के 1 सितारा है और ASI के भी 1 सितारा है। अंतर: SP के साथ अशोक स्तंभ भी होता है।

👮 रैंक तालिका — सर्वोच्च से निम्नतम

DGP — पुलिस महानिदेशकDirector General of Police (डिरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस)
चिह्न: अशोक स्तंभ + क्रॉस्ड तलवार व बैटन
गॉर्जेट पैच: गहरा नीला, ओक-पत्ती कढ़ाई
नोट: राज्य का सर्वोच्च पुलिस पद
IPS (गजटेड)
ADGP — अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकAdditional Director General of Police (एडिशनल डिरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस)
★★★
चिह्न: अशोक स्तंभ + तीन सितारे + क्रॉस्ड तलवार व बैटन
गॉर्जेट पैच: गहरा नीला, ओक-पत्ती कढ़ाई
नोट: कुछ स्रोत DGP/Spl.DGP/ADGP का चिह्न एक समान बताते हैं
IPS (गजटेड)
IGP — पुलिस महानिरीक्षकInspector General of Police (इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस)
★
चिह्न: अशोक स्तंभ + एक सितारा + क्रॉस्ड तलवार व बैटन
गॉर्जेट पैच: गहरा नीला, ओक-पत्ती कढ़ाई
नोट: प्रक्षेत्र (Zone) का प्रभारी
IPS (गजटेड)
DIG — पुलिस उप-महानिरीक्षकDeputy Inspector General of Police (डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस)
★★★
चिह्न: अशोक स्तंभ + तीन सितारे (त्रिकोण में)
गॉर्जेट पैच: गहरा नीला, ओक-पत्ती कढ़ाई
नोट: रेंज (Range) का प्रभारी
IPS (गजटेड)
SSP — वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकSenior Superintendent of Police (सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस)
★★
चिह्न: अशोक स्तंभ + दो सितारे
गॉर्जेट पैच: सामान्यतः नहीं
नोट: बड़े जिलों में SP के स्थान पर; यह पद है, पृथक रैंक नहीं
IPS (गजटेड)
SP — पुलिस अधीक्षकSuperintendent of Police (सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस)
★
चिह्न: अशोक स्तंभ + एक सितारा
गॉर्जेट पैच: सामान्यतः नहीं
नोट: जिला पुलिस का प्रमुख
IPS (गजटेड)
Addl. SP — अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकAdditional Superintendent of Police (एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस)
चिह्न: अशोक स्तंभ (IPS संवर्ग में साथ एक सितारा)
गॉर्जेट पैच: नहीं
नोट: SP का सहायक
IPS या राज्य पुलिस सेवा (गजटेड)
ASP — सहायक पुलिस अधीक्षकAssistant Superintendent of Police (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस)
चिह्न: प्रशिक्षण-उपरांत तीन सितारे (प्रोबेशन में क्रमशः 1 व 2 सितारे)
गॉर्जेट पैच: नहीं
नोट: IPS की प्रवेश रैंक; DSP के समकक्ष
IPS प्रोबेशनर (गजटेड)
DSP — पुलिस उपाधीक्षकDeputy Superintendent of Police (डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस)
★★★
चिह्न: तीन सितारे (अशोक स्तंभ नहीं)
गॉर्जेट पैच: नहीं
नोट: राज्य पुलिस सेवा की प्रवेश गजटेड रैंक; अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी
राज्य पुलिस सेवा (गजटेड)
Inspector — पुलिस निरीक्षकInspector of Police (इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस)
★★★
चिह्न: तीन सितारे + कंधे-पट्टी के बाहरी सिरे पर लाल-नीला फीता
गॉर्जेट पैच: नहीं
नोट: थानाध्यक्ष या अंचल निरीक्षक
नॉन-गजटेड (बिहार सहित 7 राज्यों में गजटेड)
SI — उप-निरीक्षक (दारोगा)Sub-Inspector (सब-इंस्पेक्टर)
★★
चिह्न: दो सितारे + लाल-नीला फीता
गॉर्जेट पैच: नहीं
नोट: अन्वेषण अधिकारी; प्रायः थानाध्यक्ष
नॉन-गजटेड
ASI — सहायक उप-निरीक्षकAssistant Sub-Inspector (असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर)
★
चिह्न: एक सितारा + लाल-नीला फीता
गॉर्जेट पैच: नहीं
नोट: SI का सहायक
नॉन-गजटेड
Head Constable — हेड कांस्टेबल / हवलदारHead Constable (हेड कॉन्स्टेबल)
≡
चिह्न: बाजू पर तीन शेवरॉन (धारियाँ)
गॉर्जेट पैच: नहीं
नोट: कोई सितारा नहीं — केवल धारियाँ
नॉन-गजटेड
Senior Constable — वरिष्ठ आरक्षीSenior Constable (सीनियर कॉन्स्टेबल)
=
चिह्न: बाजू पर दो शेवरॉन (धारियाँ)
गॉर्जेट पैच: नहीं
नोट: केवल कुछ राज्यों में
नॉन-गजटेड
Constable — आरक्षी / सिपाहीConstable (कॉन्स्टेबल)
—
चिह्न: कोई चिह्न नहीं (सादी कंधे-पट्टी)
गॉर्जेट पैच: नहीं
नोट: पुलिस की आधार रैंक
नॉन-गजटेड
गॉर्जेट पैच (कॉलर पैच) — कॉलर पर लगा गहरे नीले रंग का पैच जिस पर ओक-पत्ती की सुनहरी कढ़ाई होती है। यह सामान्यतः DIG एवं उससे ऊपर के IPS अधिकारी पहनते हैं, और दूर से ही वरिष्ठता की पहचान करा देता है।

⚠️ राजपत्रित रैंकों पर स्रोतों का मतभेद — दोनों रूप जान लें

अराजपत्रित रैंकों (Inspector से Constable तक) पर सभी स्रोत एकमत हैं — 3, 2, 1 सितारे + लाल-नीला फीता, फिर शेवरॉन, फिर कुछ नहीं। मतभेद केवल राजपत्रित रैंकों में है। नीचे दोनों प्रचलित रूप दिए हैं।
रैंकरूप-1: सेना-समानांतर (अधिक प्रचलित)रूप-2: कुछ कोचिंग चार्ट
DGP (डी जी पी)अशोक स्तंभ + सितारा + तलवार-बैटनअशोक स्तंभ + तलवार-बैटन + सितारे
ADGP (ए डी जी पी)अशोक स्तंभ + तलवार-बैटनचार्ट में सम्मिलित नहीं
IG (आई जी)सितारा + तलवार-बैटनअशोक स्तंभ + तलवार-बैटन
DIG (डी आई जी)अशोक स्तंभ + 3 सितारेअशोक स्तंभ + 1 सितारा
SSP (एस एस पी)अशोक स्तंभ + 2 सितारेचार्ट में सम्मिलित नहीं
SP (एस पी)अशोक स्तंभ + 1 सिताराकेवल अशोक स्तंभ
Addl. SP (अड्ल. एस पी)केवल अशोक स्तंभअशोक स्तंभ + 1 सितारा
DSP / ASP (डी एस पी / ए एस पी)3 सितारे3 सितारे
रूप-1 क्यों अधिक विश्वसनीय है: यह भारतीय सेना के चिह्न-क्रम के बिल्कुल समानांतर चलता है — DSP≈कैप्टन (3 सितारे), Addl.SP≈मेजर (अशोक स्तंभ), SP≈लेफ्टिनेंट कर्नल (स्तंभ+1), SSP≈कर्नल (स्तंभ+2), DIG≈ब्रिगेडियर (स्तंभ+3)। इसमें हर वरिष्ठ रैंक पर चिह्न बढ़ता है।

रूप-2 में तर्क-दोष है: उसमें Addl. SP (अशोक स्तंभ + 1 सितारा) को SP (केवल अशोक स्तंभ) से अधिक चिह्न मिल जाता है — जबकि Addl. SP, SP से कनिष्ठ होता है। साथ ही वह चार्ट ADGP और SSP को छोड़ ही देता है।

परीक्षा में क्या करें: रूप-1 याद रखें। यदि प्रश्नपत्र किसी विशेष राज्य का हो तो उस राज्य पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट से मिलान कर लें — पुलिस राज्य सूची का विषय है, इसलिए अंतिम प्रमाण वही है।

🏙️ कमिश्नरेट प्रणाली (पटना सहित)

मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पुणे और पटना जैसे शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। चिह्न वही रहते हैं, केवल पदनाम बदल जाते हैं, और पुलिस आयुक्त को मजिस्ट्रियल शक्तियाँ प्राप्त हो जाती हैं।

कमिश्नरेट पदहिंदीजिला-पुलिस समकक्षचिह्न
Commissioner of Police (CP)पुलिस आयुक्तDGP / ADGP / IGP स्तरअशोक स्तंभ + क्रॉस्ड तलवार व बैटन
Joint Commissioner (JCP)संयुक्त पुलिस आयुक्तIGPअशोक स्तंभ + 1 सितारा + तलवार-बैटन
Additional Commissionerअपर पुलिस आयुक्तDIGअशोक स्तंभ + 3 सितारे
Deputy Commissioner (DCP)पुलिस उपायुक्तSP / SSPअशोक स्तंभ + 1 या 2 सितारे
Additional DCPअपर पुलिस उपायुक्तAddl. SPअशोक स्तंभ
Assistant Commissioner (ACP)सहायक पुलिस आयुक्तDSPतीन सितारे
रटने योग्य: DCP ≈ SP और ACP ≈ DSP। यही दो समकक्षताएँ सबसे अधिक पूछी जाती हैं।

🚗 वाहन नंबर प्लेट — रंग एवं श्रेणी

BR 01 AB 1234 (बी आर 01 ए बी 1234) सफेद पृष्ठभूमि, काला अक्षर निजी (प्राइवेट) वाहन — तथा सरकारी एवं पुलिस वाहन भी
BR 01 AB 1234 (बी आर 01 ए बी 1234) पीली पृष्ठभूमि, काला अक्षर व्यावसायिक (कमर्शियल/ट्रांसपोर्ट) वाहन
BR 01 AB 1234 (बी आर 01 ए बी 1234) काली पृष्ठभूमि, पीला अक्षर सेल्फ-ड्राइव किराया (रेंट-अ-कार) वाहन
BR 01 AB 1234 (बी आर 01 ए बी 1234) नीली पृष्ठभूमि, सफेद अक्षर विदेशी दूतावास / राजनयिक (CD, CC) वाहन
BR 01 AB 1234 (बी आर 01 ए बी 1234) हरी पृष्ठभूमि, सफेद अक्षर इलेक्ट्रिक वाहन (निजी)
BR 01 AB 1234 (बी आर 01 ए बी 1234) हरी पृष्ठभूमि, पीला अक्षर इलेक्ट्रिक वाहन (व्यावसायिक)
BR 01 AB 1234 (बी आर 01 ए बी 1234) लाल पृष्ठभूमि + सुनहरा अशोक स्तंभ राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं उपराज्यपाल — नंबर के स्थान पर चिह्न
BR 01 AB 1234 (बी आर 01 ए बी 1234) अस्थायी (Temporary) प्लेट नया वाहन, स्थायी रजिस्ट्रेशन से पूर्व
BR 01 AB 1234 (बी आर 01 ए बी 1234) सफेद प्लेट + ऊपर की ओर तीर (↑) सशस्त्र बल (सेना/नौसेना/वायुसेना) के वाहन

❗ भ्रांति सुधार — "IPS की स्टार प्लेट"

पुलिस के लिए कानूनन कोई विशेष "IPS प्लेट" या "स्टार प्लेट" नहीं होती। DGP से लेकर कांस्टेबल तक, हर पुलिस एवं सरकारी वाहन सामान्य सफेद प्लेट पर काला अक्षर रखता है। पहचान प्लेट से नहीं, बल्कि वाहन पर लिखे "POLICE"/विभाग के नाम, नीली बत्ती और सायरन से होती है।

स्टार प्लेट असल में सशस्त्र बलों की व्यवस्था है — केवल ध्वज-रैंक (Brigadier व उससे ऊपर) के अधिकारी इसका प्रयोग करते हैं, वह भी तभी जब वे स्वयं वर्दी में वाहन में मौजूद हों।

सितारेसेनानौसेनावायुसेना
1 ★ब्रिगेडियरकमोडोरएयर कमोडोर
2 ★★मेजर जनरलरियर एडमिरलएयर वाइस मार्शल
3 ★★★लेफ्टिनेंट जनरलवाइस एडमिरलएयर मार्शल
4 ★★★★जनरल (सेनाध्यक्ष)एडमिरलएयर चीफ मार्शल
5 ★★★★★फील्ड मार्शलएडमिरल ऑफ द फ्लीटमार्शल ऑफ द IAF (आई ए एफ)
प्लेट की पृष्ठभूमि सेवा बताती है: सेना = लाल, वायुसेना = आसमानी नीला, नौसेना = गहरा नीला। सैन्य वाहन की नंबर प्लेट ऊपर की ओर तीर (↑) से आरंभ होती है — यह ब्रिटिश परंपरा है ताकि नंबर उल्टा न पढ़ा जाए।
दूसरी भ्रांति: प्रधानमंत्री की गाड़ी पर सामान्य सफेद प्लेट होती है। रजिस्ट्रेशन नंबर के स्थान पर अशोक स्तंभ केवल राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं उपराज्यपाल की गाड़ी पर लगता है।

🔐 HSRP — हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट

केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 50 के अंतर्गत; अब सभी वाहनों पर अनिवार्य।

होलोग्रामऊपरी-बाएँ कोने में क्रोमियम आधारित अशोक चक्र (20mm (म) × 20mm)
लेज़र PIN (पी आई एन)निचले-बाएँ में 10 अंकों की स्थायी पहचान संख्या
स्नैप-लॉकदो नॉन-रीयूजेबल लॉक — एक बार लगने पर दोबारा प्रयोग नहीं
"IND" अंकनरेट्रो-रिफ्लेक्टिव शीट पर नीले रंग में
तीसरी प्लेटविंडस्क्रीन पर ईंधन दर्शाने वाला रंगीन स्टिकर
डीज़ल स्टिकरनारंगी रंग
पेट्रोल/CNG स्टिकरनीला रंग
BS-VI वाहनस्टिकर पर 1cm की हरी पट्टी

🚨 बीकन (लाल/नीली बत्ती) के नियम

सबसे अधिक पूछा जाने वाला तथ्य: केंद्रीय कैबिनेट ने 19 अप्रैल 2017 को निर्णय लिया और 1 मई 2017 से VIP वाहनों पर लाल बत्ती पूर्णतः प्रतिबंधित हो गई — राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मंत्री, नौकरशाह — किसी के लिए कोई अपवाद नहीं।
बिंदुविवरण
संबंधित नियमकेंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 का नियम 108
कैबिनेट निर्णय19 अप्रैल 2017
प्रभावी तिथि1 मई 2017
अधिसूचनाGSR 423(E), दिनांक 1.5.2017
समाप्त उप-नियमRule 108-1(III) — जिसके तहत केंद्र/राज्य गणमान्य व्यक्ति तय करते थे
अब किसे अनुमतिकेवल परिभाषित आपातकालीन एवं आपदा-प्रबंधन सेवाएँ — पुलिस, एम्बुलेंस, दमकल, सेना
अनुमत रंगनीली फ्लैशर बत्ती; नियम 108(4) के तहत निर्दिष्ट वाहनों को मल्टी-कलर भी
ड्यूटी पर न होने परबत्ती को काले कवर से ढकना अनिवार्य
निजी वाहन परपुलिस/स्ट्रोब बत्ती लगाना पूर्णतः अवैध

🎗️ पुलिस पदक

पदककिसलिएन्यूनतम सेवा
वीरता के लिए पुलिस पदक (GM) / राष्ट्रपति पुलिस पदक (PPMG / पी पी एम जी)जीवन/संपत्ति बचाने, अपराध रोकने या अपराधी पकड़ने में वीरताकोई शर्त नहीं
विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (PPM / पी पी एम)विशिष्ट सेवा-रिकॉर्ड21 वर्ष
सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक (PMMS / पी एम एम एस)साधन-कुशलता एवं कर्तव्यनिष्ठा वाली मूल्यवान सेवालगभग 15 वर्ष

स्थापना 1 मार्च 1951; पात्रता 26 जनवरी 1950 से पूर्वव्यापी। पदक स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर घोषित होते हैं। वीरता पदक विजेता को आजीवन मासिक भत्ता मिलता है, जो उनके बाद जीवनसाथी को जारी रहता है।

👔 वर्दी एवं प्रतीक

मानक वर्दी रंगखाकी — 1847 में Sir Henry Lawrence द्वारा औपचारिक रूप से अपनाई गई
प्रमुख अपवादकोलकाता पुलिस — सफेद वर्दी (गर्म-आर्द्र तटीय जलवायु के कारण)
ध्यान देंपश्चिम बंगाल राज्य पुलिस खाकी पहनती है; केवल कोलकाता व हावड़ा पुलिस सफेद
अशोक स्तंभ का स्रोतसारनाथ का अशोक सिंह स्तंभ (Lion Capital of Ashoka)। औपचारिक नाम "भारत का राजचिह्न" है, पर परीक्षा एवं व्यवहार में इसे अशोक स्तंभ ही कहा जाता है।
शेरकुल चार, पर सामने से केवल तीन दिखाई देते हैं
धर्मचक्र24 तीलियाँ
सत्यमेव जयतेमुंडक उपनिषद (मंत्र 3.1.6) से — "सत्य की ही जीत होती है"
अपनाया गया26 जनवरी 1950

⚖️ DGP की नियुक्ति — प्रकाश सिंह निर्णय

प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ, निर्णय दिनांक 22 सितम्बर 2006 — सर्वोच्च न्यायालय ने पुलिस सुधार पर सात निर्देश दिए। DGP नियुक्ति के संबंध में:

🪖 पुलिस एवं सेना रैंक की मोटी समकक्षता

यह तुलना अनौपचारिक है — केवल मोटे संदर्भ के लिए। वेतनमान एवं वरीयता के आधार पर सटीक तुलना उचित नहीं है।
पुलिससेना (लगभग)
DGP (डी जी पी)जनरल
ADGP (ए डी जी पी)लेफ्टिनेंट जनरल
IGP (आई जी पी)मेजर जनरल
DIG (डी आई जी)ब्रिगेडियर
SSP / SP (एस एस पी / एस पी)कर्नल
Addl. SP / DSP (अड्ल. एस पी / डी एस पी)लेफ्टिनेंट कर्नल / मेजर
Inspector (इंस्पेक्टर)सूबेदार मेजर
Sub-Inspector (सब-इंस्पेक्टर)सूबेदार
ASI (ए एस आई)नायब सूबेदार

📌 राज्य-विशेष बातें

जहाँ स्रोतों में मतभेद है:
• कुछ स्रोत DGP, विशेष DGP एवं ADGP तीनों का चिह्न एक समान (अशोक स्तंभ + तलवार-बैटन) बताते हैं; अन्य ADGP को अलग दर्शाते हैं।
• DIG के चिह्न पर भी मतभेद है — सर्वाधिक स्वीकृत रूप अशोक स्तंभ + 3 सितारे है।
• ASP के प्रोबेशन-काल में सितारों की गिनती पर स्रोत भिन्न हैं; प्रशिक्षण-उपरांत 3 सितारे पर सभी सहमत हैं।
परीक्षा से पूर्व अपने राज्य पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट से मिलान अवश्य कर लें।