🎤 मंच संबोधन एवं भाषण

Stage Address (स्टेज एड्रेस) & Protocol (प्रोटोकॉल) — 32 पद, 16 अवसर, 7 तैयार स्क्रिप्ट

कार्यक्रम में माइक हाथ में आते ही सबसे बड़ी कठिनाई यही होती है कि किसे, किस क्रम में और किस शब्द से संबोधित करें। यह पृष्ठ हर रैंक के कर्मचारी के लिए है — थाना, एसपी कार्यालय, समाहरणालय, अनुमंडल, प्रखंड, न्यायालय या किसी भी विभाग में। नीचे दी गई पंक्तियाँ सीधे पढ़कर बोली जा सकती हैं।
सबसे ज़रूरी बात: महामहिम (His Excellency / हिज़ एक्सीलेंसी) शब्द का प्रयोग अब नहीं किया जाता। राष्ट्रपति एवं राज्यपाल दोनों के लिए माननीय कहना ही वर्तमान में उचित एवं शिष्ट माना जाता है।

1. किसे क्या कहें — संबोधन तालिका

1. संवैधानिक शीर्ष पद

राष्ट्रपति President (प्रेसिडेंट) मंच से: माननीय राष्ट्रपति महोदय / महोदया पत्र में: महामहिम नहीं — "माननीय राष्ट्रपति जी" वर्ष 2012 से "महामहिम" (His Excellency / हिज़ एक्सीलेंसी) का प्रयोग बंद कर दिया गया है
उपराष्ट्रपति Vice-President (वाइस प्रेसिडेंट) मंच से: माननीय उपराष्ट्रपति महोदय पत्र में: माननीय उपराष्ट्रपति जी राज्यसभा के सभापति भी होते हैं
प्रधानमंत्री Prime Minister (प्राइम मिनिस्टर) मंच से: माननीय प्रधानमंत्री जी पत्र में: माननीय प्रधानमंत्री महोदय नाम के साथ "श्री" अवश्य लगाएँ
राज्यपाल Governor (गवर्नर) मंच से: माननीय राज्यपाल महोदय पत्र में: माननीय राज्यपाल जी अनेक राजभवनों ने "महामहिम" हटाकर "माननीय" कर दिया है
मुख्यमंत्री Chief Minister (चीफ मिनिस्टर) मंच से: माननीय मुख्यमंत्री जी पत्र में: माननीय मुख्यमंत्री महोदय राज्य का प्रथम नागरिक राज्यपाल होता है, मुख्यमंत्री नहीं
मंत्री / राज्य मंत्री Minister (मिनिस्टर) मंच से: माननीय मंत्री जी पत्र में: माननीय मंत्री महोदय विभाग का नाम भी लें — "माननीय गृह मंत्री जी"
सांसद / विधायक MP / MLA (एम पी / एम एल ए) मंच से: माननीय सांसद महोदय / माननीय विधायक महोदय पत्र में: माननीय सदस्य महोदय क्षेत्र का नाम जोड़ना उचित — "माननीय विधायक, ... विधानसभा क्षेत्र"

2. न्यायपालिका

मुख्य न्यायाधीश (सर्वोच्च न्यायालय) Chief Justice of India (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) मंच से: माननीय मुख्य न्यायमूर्ति महोदय पत्र में: माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय न्यायालय कक्ष में — My Lord (माई लॉर्ड) / माननीय न्यायालय
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश High Court Judge (हाई कोर्ट जज) मंच से: माननीय न्यायमूर्ति महोदय पत्र में: माननीय न्यायमूर्ति कक्ष में My Lord / Your Lordship (योर लॉर्डशिप) / Hon-ble Court
जिला एवं सत्र न्यायाधीश District Judge (डिस्ट्रिक्ट जज) मंच से: माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय पत्र में: माननीय महोदय कक्ष में Your Honour (योर ऑनर) / श्रीमान / महोदय
न्यायिक दंडाधिकारी Judicial Magistrate (ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट) मंच से: माननीय दंडाधिकारी महोदय पत्र में: श्रीमान महोदय अधीनस्थ न्यायालय में "श्रीमान / महोदय" पूर्णतः शिष्ट है

3. पुलिस विभाग

पुलिस महानिदेशक DGP (डी जी पी) — Director General of Police (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) मंच से: आदरणीय पुलिस महानिदेशक महोदय पत्र में: महोदय / सर राज्य पुलिस का सर्वोच्च पद
अपर पुलिस महानिदेशक ADG (ए डी जी) — Additional Director General (एडिशनल डायरेक्टर जनरल) मंच से: आदरणीय अपर पुलिस महानिदेशक महोदय पत्र में: महोदय
पुलिस महानिरीक्षक IG (आई जी) — Inspector General (इंस्पेक्टर जनरल) मंच से: आदरणीय पुलिस महानिरीक्षक महोदय पत्र में: महोदय क्षेत्र/प्रक्षेत्र का नाम भी लें
पुलिस उप महानिरीक्षक DIG (डी आई जी) — Deputy Inspector General (डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल) मंच से: आदरणीय पुलिस उप महानिरीक्षक महोदय पत्र में: महोदय
पुलिस अधीक्षक SP (एस पी) — Superintendent of Police (सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) मंच से: आदरणीय पुलिस अधीक्षक महोदय पत्र में: महोदय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हों तो "वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय"
अपर / सहायक पुलिस अधीक्षक ASP (ए एस पी) — Assistant Superintendent (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट) मंच से: आदरणीय अपर पुलिस अधीक्षक महोदय पत्र में: महोदय
पुलिस उपाधीक्षक DSP (डी एस पी) — Deputy Superintendent (डिप्टी सुपरिंटेंडेंट) मंच से: आदरणीय पुलिस उपाधीक्षक महोदय पत्र में: महोदय अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी कहा जाता है
निरीक्षक / थानाध्यक्ष Inspector / SHO (इंस्पेक्टर / एस एच ओ) मंच से: आदरणीय थानाध्यक्ष महोदय पत्र में: महोदय / श्रीमान

4. जिला एवं राजस्व प्रशासन

मुख्य सचिव Chief Secretary (चीफ सेक्रेटरी) मंच से: आदरणीय मुख्य सचिव महोदय पत्र में: महोदय राज्य प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी
प्रमंडलीय आयुक्त Divisional Commissioner (डिविज़नल कमिश्नर) मंच से: आदरणीय आयुक्त महोदय पत्र में: महोदय
जिलाधिकारी / समाहर्ता DM / Collector (डी एम / कलेक्टर) मंच से: आदरणीय जिलाधिकारी महोदय पत्र में: महोदय जिले का प्रशासनिक प्रमुख
अपर समाहर्ता ADM (ए डी एम) — Additional District Magistrate (एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट) मंच से: आदरणीय अपर समाहर्ता महोदय पत्र में: महोदय
अनुमंडल पदाधिकारी SDM / SDO (एस डी एम / एस डी ओ) मंच से: आदरणीय अनुमंडल पदाधिकारी महोदय पत्र में: महोदय अनुमंडल दंडाधिकारी भी कहलाते हैं
अंचल अधिकारी / तहसीलदार CO / Tehsildar (सी ओ / तहसीलदार) मंच से: आदरणीय अंचल अधिकारी महोदय पत्र में: महोदय
प्रखंड विकास पदाधिकारी BDO (बी डी ओ) — Block Development Officer (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) मंच से: आदरणीय प्रखंड विकास पदाधिकारी महोदय पत्र में: महोदय

5. जनप्रतिनिधि एवं अन्य अतिथि

महापौर / नगर अध्यक्ष Mayor / Chairperson (मेयर / चेयरपर्सन) मंच से: आदरणीय महापौर महोदय पत्र में: महोदय
जिला परिषद अध्यक्ष Zila Parishad Chairperson (ज़िला परिषद चेयरपर्सन) मंच से: आदरणीय अध्यक्ष महोदय पत्र में: महोदय
मुखिया / सरपंच Mukhiya / Sarpanch (मुखिया / सरपंच) मंच से: आदरणीय मुखिया जी / सरपंच जी पत्र में: महोदय
शिक्षक / प्राचार्य Teacher / Principal (टीचर / प्रिंसिपल) मंच से: आदरणीय गुरुजन / आदरणीय प्राचार्य महोदय पत्र में: महोदय
धर्मगुरु / संत Religious Head (रिलीजियस हेड) मंच से: परम आदरणीय / श्रद्धेय / पूज्य पत्र में: श्रद्धेय
श्रोतागण Audience (ऑडियंस) मंच से: आदरणीय सुधीजन / उपस्थित समस्त महानुभाव पत्र में: — सबसे अंत में, पर कभी छोड़ें नहीं

2. संबोधन के शब्द — कब कौन-सा

महामहिमHis Excellency (हिज़ एक्सीलेंसी) अब प्रयोग न करें — केवल विदेशी राजदूतों के औपचारिक संदर्भ में
माननीयHonourable (ऑनरेबल) राष्ट्रपति, मंत्री, सांसद, विधायक, न्यायाधीश
आदरणीयRespected (रिस्पेक्टेड) वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, अतिथि
श्रीमान / श्रीमतीMr. / Mrs. (मिस्टर / मिसेज़) सामान्य सम्मानजनक संबोधन, न्यायालय कक्ष में भी
महोदय / महोदयाSir / Madam (सर / मैडम) पत्र, टिप्पणी एवं मौखिक — सबसे सुरक्षित शब्द
श्रद्धेय / पूज्यReverend (रेवरेंड) धर्मगुरु, संत, अत्यंत वरिष्ठ जन
सुधीजनLearned Audience (लर्न्ड ऑडियंस) विद्वान श्रोताओं के लिए मंच से
मंचासीन महानुभावDignitaries on Dais (डिग्निटरीज़ ऑन डाइस) मंच पर बैठे सभी अतिथियों के लिए एक साथ
मुख्य अतिथिChief Guest (चीफ गेस्ट) कार्यक्रम के प्रमुख आमंत्रित अतिथि
विशिष्ट अतिथिGuest of Honour (गेस्ट ऑफ ऑनर) मुख्य अतिथि के बाद के विशेष अतिथि
अध्यक्षताPresiding / Chairing (प्रिज़ाइडिंग / चेयरिंग) कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वाले महानुभाव
करतल ध्वनिApplause (अप्लॉज़) तालियों से स्वागत करने का शिष्ट शब्द

3. भारत का वरीयता क्रम

मंच से नाम सदैव उच्च पद से निम्न पद की ओर लिए जाते हैं। यही क्रम राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी Table of Precedence (टेबल ऑफ प्रेसिडेंस) में दिया गया है। यह क्रम केवल राजकीय एवं औपचारिक अवसरों पर लागू होता है, दैनिक कामकाज पर नहीं।
क्रमपदअंग्रेज़ी (उच्चारण सहित)
1राष्ट्रपतिPresident (प्रेसिडेंट)
2उपराष्ट्रपतिVice-President (वाइस प्रेसिडेंट)
3प्रधानमंत्रीPrime Minister (प्राइम मिनिस्टर)
4राज्यपाल (अपने राज्य में)Governor (गवर्नर)
5भूतपूर्व राष्ट्रपति / उप-प्रधानमंत्रीFormer President (फॉर्मर प्रेसिडेंट)
6भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्षCJI / Speaker (सी जे आई / स्पीकर)
7केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, मुख्यमंत्री (अपने राज्य में), पूर्व प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेताCabinet Minister (कैबिनेट मिनिस्टर)
8राजदूत, मुख्यमंत्री (राज्य के बाहर), राज्यपाल (राज्य के बाहर)Ambassador (एंबेसडर)
9सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, नियंत्रक-महालेखापरीक्षकSupreme Court Judge / CAG (सुप्रीम कोर्ट जज / सी ए जी)
10राज्यसभा उपसभापति, उप-मुख्यमंत्री, लोकसभा उपाध्यक्ष, केंद्रीय राज्य मंत्रीDeputy Chairman (डिप्टी चेयरमैन)
11महान्यायवादी, कैबिनेट सचिव, उपराज्यपालAttorney General / Cabinet Secretary (अटॉर्नी जनरल / कैबिनेट सेक्रेटरी)
12सेनाध्यक्ष (पूर्ण जनरल एवं समकक्ष)Chiefs of Staff (चीफ्स ऑफ स्टाफ)
14विधानसभा अध्यक्ष, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (अपने क्षेत्राधिकार में)High Court Chief Justice (हाई कोर्ट चीफ जस्टिस)
15राज्य के कैबिनेट मंत्री (अपने राज्य में)State Cabinet Minister (स्टेट कैबिनेट मिनिस्टर)
17उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशHigh Court Judges (हाई कोर्ट जजेज़)
21संसद सदस्यMembers of Parliament (मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट)
23राज्यों के मुख्य सचिव, भारत सरकार के सचिव, सॉलिसिटर जनरलChief Secretary / Secretary (चीफ सेक्रेटरी / सेक्रेटरी)
25अपर सचिव, महाधिवक्ता, सीबीआई निदेशक, बीएसएफ/सीआरपीएफ महानिदेशक, आईबी निदेशकAdditional Secretary (एडिशनल सेक्रेटरी)
26भारत सरकार के संयुक्त सचिव एवं समकक्षJoint Secretary (जॉइंट सेक्रेटरी)

4. मंच संचालन — तैयार स्क्रिप्ट

नीचे दी गई पंक्तियाँ ज्यों की त्यों बोली जा सकती हैं। बिंदुओं वाले स्थान पर केवल नाम या पद जोड़ना है।
1. कार्यक्रम का शुभारंभ (Opening / ओपनिंग) माइक हाथ में आते ही सबसे पहले यही बोलें कार्यक्रम में उपस्थित माननीय मुख्य अतिथि, आदरणीय विशिष्ट अतिथिगण, अध्यक्षता कर रहे आदरणीय महोदय, मंचासीन सभी महानुभाव एवं यहाँ पधारे सभी सुधीजन — आप सभी को मेरा सादर नमस्कार। आज के इस गरिमामय आयोजन में आप सभी का हार्दिक स्वागत, अभिनंदन एवं वंदन है। मैं ..... , इस कार्यक्रम का संचालन कर रहा हूँ।
2. दीप प्रज्वलन (Lamp Lighting / लैंप लाइटिंग) कार्यक्रम के औपचारिक आरंभ पर किसी भी शुभ कार्य का आरंभ ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से होता है। दीप अंधकार से प्रकाश की ओर तथा अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने का प्रतीक है। मैं मंचासीन सभी महानुभावों से सादर निवेदन करता हूँ कि दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने की कृपा करें।
3. स्वागत एवं सम्मान (Welcome / वेलकम) अतिथियों को पुष्पगुच्छ या स्मृति चिह्न भेंट करते समय आज हमारे बीच आदरणीय ..... सादर उपस्थित हैं। विभाग की ओर से मैं उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत करता हूँ। अब मुख्य अतिथि महोदय द्वारा ..... को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। कृपया करतल ध्वनि से उनका अभिनंदन करें।
4. वक्ता का परिचय (Introduction / इंट्रोडक्शन) किसी अधिकारी या अतिथि को बोलने हेतु आमंत्रित करते समय अब मैं आमंत्रित करता हूँ आदरणीय ..... को, जिनका सेवा-जीवन कर्तव्यनिष्ठा एवं अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उनके मार्गदर्शन से हम सभी लाभान्वित होंगे। कृपया करतल ध्वनि से उनका स्वागत करें — मंच उनके लिए सादर प्रस्तुत है।
5. राष्ट्रगान एवं वंदना (National Anthem / नेशनल एंथम) आरंभ में वंदना, समापन पर राष्ट्रगान अब मैं अनुरोध करता हूँ कि माँ शारदे की वंदना प्रस्तुत की जाए। ... कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रगान होगा — कृपया सभी महानुभाव सावधान की मुद्रा में खड़े होकर राष्ट्रगान में सहभागी बनें।
6. धन्यवाद ज्ञापन (Vote of Thanks / वोट ऑफ थैंक्स) कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम के समापन पर मैं माननीय मुख्य अतिथि महोदय, समस्त विशिष्ट अतिथिगण, आयोजन समिति के सदस्यों, सहयोगी कर्मचारियों एवं उपस्थित सभी महानुभावों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आप सभी के सक्रिय सहयोग से यह आयोजन सफल एवं सार्थक हुआ। सादर धन्यवाद।
7. समापन (Closing / क्लोज़िंग) अंतिम वाक्य इसी के साथ आज का कार्यक्रम सम्पन्न होता है। पुनः सभी का हार्दिक आभार। जय हिंद, जय भारत।

5. अवसर के अनुसार भाषण — दो से तीन मिनट

स्वतंत्रता दिवस

15 अगस्त  •  Independence Day (इंडिपेंडेंस डे)
  1. संबोधन — आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय, मंचासीन महानुभाव, मेरे साथी कर्मचारीगण एवं प्यारे भाइयो-बहनो।
  2. महत्व — 15 अगस्त 1947 को हमारा देश लगभग दो सौ वर्षों की परतंत्रता से मुक्त हुआ था।
  3. बलिदान — इस स्वतंत्रता के पीछे अनगिनत ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का त्याग और बलिदान है।
  4. वर्तमान कर्तव्य — आज हमारा कर्तव्य है कि अपने पद पर पूरी ईमानदारी और निष्ठा से कार्य कर देश को सशक्त बनाएँ।
  5. संकल्प — आइए, आज हम संकल्प लें कि अपने कार्यालय में जनता की सेवा को ही सर्वोपरि रखेंगे।
  6. समापन — जय हिंद, जय भारत।

गणतंत्र दिवस

26 जनवरी  •  Republic Day (रिपब्लिक डे)
  1. संबोधन — आदरणीय अध्यक्ष महोदय, मुख्य अतिथि महोदय एवं उपस्थित सभी महानुभाव।
  2. महत्व — 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ और भारत पूर्ण गणराज्य बना।
  3. संविधान — डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति ने इसे तैयार किया था।
  4. मूल्य — न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व ही हमारे गणतंत्र की आत्मा है।
  5. कर्तव्य — संविधान ने हमें अधिकार ही नहीं, मूल कर्तव्य भी दिए हैं — उनका पालन हम सबका दायित्व है।
  6. समापन — जय हिंद, जय संविधान।

पुलिस स्मृति दिवस

21 अक्टूबर  •  Police Commemoration Day (पुलिस कमेमोरेशन डे)
  1. संबोधन — आदरणीय पुलिस अधीक्षक महोदय, वरिष्ठ पदाधिकारीगण एवं मेरे साथी जवानों।
  2. पृष्ठभूमि — 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में हमारे दस वीर जवान कर्तव्य पथ पर शहीद हुए थे।
  3. श्रद्धांजलि — आज हम उन सभी पुलिसकर्मियों को नमन करते हैं जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए प्राण न्योछावर किए।
  4. संदेश — शहीदों का सर्वोत्तम सम्मान यही है कि हम अनुशासन और निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाएँ।
  5. समापन — शहीदों को सादर श्रद्धांजलि। जय हिंद।

हिंदी दिवस

14 सितंबर  •  Hindi Day (हिंदी डे)
  1. संबोधन — आदरणीय महोदय एवं उपस्थित सभी सुधीजन।
  2. महत्व — 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की राजभाषा स्वीकार किया।
  3. संवैधानिक आधार — संविधान का अनुच्छेद 343 राजभाषा से संबंधित है।
  4. कार्यालय में — सरकारी पत्राचार, टिप्पण एवं प्रारूपण में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग हमारा दायित्व है।
  5. संकल्प — आज हम संकल्प लें कि अपना अधिकतम कार्य सरल एवं शुद्ध हिंदी में करेंगे।
  6. समापन — हिंदी दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।

संविधान दिवस

26 नवंबर  •  Constitution Day (कॉन्स्टिट्यूशन डे)
  1. संबोधन — आदरणीय महोदय एवं उपस्थित सभी महानुभाव।
  2. महत्व — 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान को अंगीकृत किया।
  3. स्मरण — डॉ. भीमराव अंबेडकर के अथक परिश्रम को आज विशेष रूप से नमन।
  4. कर्तव्य — संविधान की प्रस्तावना एवं मूल कर्तव्यों का पाठ आज के दिन की परंपरा है।
  5. समापन — जय हिंद।

सतर्कता जागरूकता सप्ताह

31 अक्टूबर वाला सप्ताह  •  Vigilance Awareness Week (विजिलेंस अवेयरनेस वीक)
  1. संबोधन — आदरणीय महोदय एवं समस्त कर्मचारीगण।
  2. आयोजक — केंद्रीय सतर्कता आयोग के निर्देश पर प्रतिवर्ष यह सप्ताह मनाया जाता है।
  3. तिथि का कारण — सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती वाले सप्ताह में इसका आयोजन होता है।
  4. संदेश — पारदर्शिता, ईमानदारी और समयबद्ध निष्पादन ही भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उपचार है।
  5. शपथ — आज हम सत्यनिष्ठा की शपथ लेते हैं कि अपने कार्यालयी दायित्व निष्पक्ष रूप से निभाएँगे।

विदाई / सेवानिवृत्ति समारोह

यथावसर  •  Farewell (फेयरवेल)
  1. संबोधन — आदरणीय महोदय, मंचासीन महानुभाव एवं सभी सहकर्मी।
  2. परिचय — आज हम आदरणीय ..... को उनकी दीर्घ एवं गौरवशाली सेवा के उपरांत विदाई दे रहे हैं।
  3. योगदान — उनका अनुशासन, समयनिष्ठा एवं व्यवहार हम सबके लिए सदैव अनुकरणीय रहेगा।
  4. भावना — विदाई शब्द भारी अवश्य है, पर यह विश्राम है, संबंधों का अंत नहीं।
  5. शुभकामना — हम उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घ जीवन की मंगलकामना करते हैं।

शोक सभा / श्रद्धांजलि सभा

यथावसर  •  Condolence Meeting (कंडोलेंस मीटिंग)
  1. संबोधन — उपस्थित सभी महानुभाव।
  2. सूचना — आज हम आदरणीय ..... के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करने हेतु एकत्र हुए हैं।
  3. स्मरण — उनका सेवा-भाव एवं सरल व्यवहार सदैव स्मरणीय रहेगा।
  4. संवेदना — शोकाकुल परिवार के प्रति हम अपनी हार्दिक संवेदना प्रकट करते हैं।
  5. मौन — कृपया सभी महानुभाव खड़े होकर दो मिनट का मौन रखें।

वरिष्ठ अधिकारी का स्वागत

यथावसर  •  Welcome Ceremony (वेलकम सेरेमनी)
  1. संबोधन — आदरणीय महोदय, आपका इस कार्यालय में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।
  2. परिचय — आपका प्रशासनिक अनुभव एवं मार्गदर्शन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
  3. आश्वासन — हम सभी कर्मचारी पूर्ण निष्ठा एवं अनुशासन के साथ आपके नेतृत्व में कार्य करने हेतु तत्पर हैं।
  4. समापन — पुनः सादर स्वागत। धन्यवाद।

प्रशिक्षण / कार्यशाला उद्घाटन

यथावसर  •  Training Workshop (ट्रेनिंग वर्कशॉप)
  1. संबोधन — आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय एवं समस्त प्रतिभागीगण।
  2. उद्देश्य — इस कार्यशाला का उद्देश्य कर्मचारियों की कार्यकुशलता एवं तकनीकी दक्षता बढ़ाना है।
  3. अपेक्षा — प्रतिभागियों से अनुरोध है कि पूर्ण सक्रियता से भाग लें एवं शंकाएँ अवश्य पूछें।
  4. समापन — कार्यशाला की सफलता की कामना के साथ, सभी का धन्यवाद।

गांधी जयंती

2 अक्टूबर  •  Gandhi Jayanti (गांधी जयंती)
  1. संबोधन — आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय, मंचासीन महानुभाव एवं उपस्थित सभी सुधीजन।
  2. महत्व — 2 अक्टूबर 1869 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म पोरबंदर में हुआ था।
  3. सिद्धांत — सत्य एवं अहिंसा उनके जीवन के दो सबसे बड़े हथियार थे।
  4. अंतरराष्ट्रीय पहचान — संयुक्त राष्ट्र इस दिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाता है।
  5. संकल्प — स्वच्छता, सादगी एवं सत्यनिष्ठा को अपने कार्य में उतारने का संकल्प लें।
  6. समापन — बापू को सादर नमन। जय हिंद।

शिक्षक दिवस

5 सितंबर  •  Teachers Day (टीचर्स डे)
  1. संबोधन — आदरणीय गुरुजन एवं उपस्थित सभी साथियों।
  2. महत्व — यह दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाया जाता है।
  3. परिचय — वे भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति रहे।
  4. भाव — गुरु ही वह दीपक है जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है।
  5. समापन — समस्त गुरुजनों को सादर प्रणाम एवं हार्दिक शुभकामनाएँ।

योग दिवस

21 जून  •  International Yoga Day (इंटरनेशनल योगा डे)
  1. संबोधन — आदरणीय महोदय एवं समस्त सहकर्मीगण।
  2. पृष्ठभूमि — संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में इस दिवस को मान्यता दी, प्रथम आयोजन 2015 में हुआ।
  3. महत्व — योग शरीर, मन एवं आत्मा को जोड़ने का प्राचीन भारतीय विज्ञान है।
  4. कार्यालय हेतु — लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने वाले कर्मचारियों के लिए योग विशेष लाभकारी है।
  5. संकल्प — प्रतिदिन कम से कम बीस मिनट योग एवं व्यायाम का संकल्प लें।

बाल दिवस

14 नवंबर  •  Childrens Day (चिल्ड्रन्स डे)
  1. संबोधन — आदरणीय महोदय, शिक्षकगण एवं प्यारे बच्चों।
  2. महत्व — पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर यह दिवस मनाया जाता है।
  3. कारण — बच्चों से अत्यधिक स्नेह के कारण उन्हें चाचा नेहरू कहा जाता था।
  4. संदेश — आज के बच्चे ही कल के नागरिक एवं राष्ट्र निर्माता हैं।
  5. समापन — सभी बच्चों को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

सड़क सुरक्षा सप्ताह

जनवरी माह  •  Road Safety Week (रोड सेफ्टी वीक)
  1. संबोधन — आदरणीय पुलिस अधीक्षक महोदय एवं उपस्थित सभी नागरिकगण।
  2. उद्देश्य — सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को कम करना।
  3. मुख्य कारण — तेज गति, हेलमेट न पहनना, नशे में वाहन चलाना एवं मोबाइल का प्रयोग।
  4. अपील — दुपहिया पर हेलमेट एवं चारपहिया में सीट बेल्ट अवश्य लगाएँ।
  5. संदेश — जल्दी पहुँचने से अधिक महत्वपूर्ण है सुरक्षित पहुँचना।

मतदाता दिवस

25 जनवरी  •  National Voters Day (नेशनल वोटर्स डे)
  1. संबोधन — आदरणीय महोदय एवं उपस्थित सभी मतदाता बंधुओं।
  2. पृष्ठभूमि — 25 जनवरी 1950 को निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी।
  3. आरंभ — राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2011 से मनाया जा रहा है।
  4. महत्व — मतदान केवल अधिकार नहीं, एक राष्ट्रीय कर्तव्य भी है।
  5. शपथ — निर्भीक होकर, बिना किसी प्रलोभन के मतदान करने की शपथ लें।

6. प्रोटोकॉल एवं शिष्टाचार

ध्वजारोहण एवं ध्वज फहराना — मूल अंतर

Flag Hoisting (फ्लैग होइस्टिंग) व Flag Unfurling (फ्लैग अनफर्लिंग)
  • 15 अगस्त — ध्वजारोहण। झंडा नीचे बँधा रहता है और रस्सी खींचकर ऊपर ले जाया जाता है। लाल किले पर प्रधानमंत्री करते हैं।
  • 26 जनवरी — ध्वज फहराना। झंडा पहले से ऊपर बँधा रहता है, केवल खोला जाता है। कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति करते हैं।
  • कारण — 1947 में संविधान लागू नहीं था, राष्ट्रपति का पद नहीं था, इसलिए प्रधानमंत्री ने ध्वजारोहण किया।

राष्ट्रगान के नियम

National Anthem (नेशनल एंथम)
  • पूर्ण संस्करण की मानक अवधि 52 सेकंड तथा संक्षिप्त संस्करण की 20 सेकंड होती है।
  • बजते या गाए जाते समय सभी को सावधान की मुद्रा में सीधे खड़ा होना अनिवार्य है।
  • अपमान करने पर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 3 के अंतर्गत तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।

राष्ट्रीय ध्वज संहिता — मुख्य नियम

Flag Code of India (फ्लैग कोड ऑफ इंडिया)
  • ध्वज आयताकार होता है और उसकी लंबाई तथा चौड़ाई का अनुपात 3:2 रहता है।
  • केसरिया रंग सदैव सबसे ऊपर रहेगा — ध्वज उल्टा फहराना गंभीर अपमान है।
  • ध्वज भूमि या जल को स्पर्श नहीं करना चाहिए तथा सजावट या पर्दे के रूप में उसका प्रयोग वर्जित है।
  • वर्ष 2021 के संशोधन से पॉलिएस्टर एवं मशीन-निर्मित ध्वज की अनुमति मिली।
  • जुलाई 2022 के संशोधन से खुले में लगे ध्वज को दिन-रात फहराने की अनुमति दी गई।
  • क्षतिग्रस्त या मैला ध्वज कभी न फहराएँ; अर्धनत केवल सरकारी निर्देश पर।

मंच व्यवस्था एवं वरीयता

Seating Protocol (सीटिंग प्रोटोकॉल)
  • नाम सदैव वरीयता क्रम में — उच्चतम पद से आरंभ कर निम्न की ओर लें।
  • अध्यक्षता करने वाले महानुभाव सर्वोच्च, फिर मुख्य अतिथि, फिर विशिष्ट अतिथि।
  • श्रोताओं को कभी न भूलें — अंत में सुधीजन का उल्लेख अवश्य करें।
  • वरीयता क्रम केवल राजकीय एवं औपचारिक अवसरों पर लागू होता है, दैनिक कामकाज पर नहीं।

माइक पर होने वाली सामान्य गलतियाँ

Common Mistakes (कॉमन मिस्टेक्स)
  • नाम या पद का गलत उच्चारण — कार्यक्रम से पहले लिखकर एक बार अभ्यास कर लें।
  • वरीयता क्रम उलट देना — छोटे पद का नाम पहले लेना अशिष्ट माना जाता है।
  • महामहिम जैसे अप्रचलित शब्दों का प्रयोग।
  • अत्यधिक लंबा भाषण — दो से तीन मिनट पर्याप्त हैं।
  • बिना स्क्रिप्ट के मंच पर जाना — छोटी पर्ची सदैव साथ रखें।
  • माइक के बहुत पास या बहुत दूर बोलना — लगभग एक बित्ता दूरी उचित है।

दूरभाष एवं कार्यालय शिष्टाचार

Telephone Etiquette (टेलीफोन एटिकेट)
  • आरंभ — नमस्कार सर, मैं ..... कार्यालय से ..... बोल रहा हूँ।
  • निवेदन — क्या मैं ..... महोदय से बात कर सकता हूँ, अथवा कृपया सुविधानुसार समय बता दें।
  • वरिष्ठ अधिकारी के कक्ष में प्रवेश से पूर्व अनुमति अवश्य लें।
  • लेखन में महोदय तथा भाषण में आदरणीय ..... जी का प्रयोग उपयुक्त रहता है।